
संजय गुप्ता/बलरामपुर@ मंगलवार को तेंदूपत्ता हितग्राहियों के लिए शासन द्वारा आयोजित चरण पादुका वितरण के कार्यक्रम में उपेक्षित महसूस किए जाने के बाद लघु वनोपज सहकारी समिति के जिला अध्यक्ष लालसाय मिंज ने अपना दर्द बयां किया..
आइए समझते हैं पूरा मामला..
दरअसल मंगलवार को बलरामपुर जिले के ऑडीटोरियम हाल में शासन की महत्वकांक्षी योजना के तहत जिला स्तरीय चरण पादुका वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था.. इस कार्यक्रम में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के महिला सदस्यों को चरणपादुका(जूती) वितरित की जानी थी.. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सरगुजा के सांसद चिंतामणि महराज सहित विशिष्ट अतिथि के तौर पर भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल सहित कई बड़े भाजपा के पदाधिकारियों व वन विभाग के डीएफओ सहित एसडीओ रेंजर एवं तमाम बड़े नेता तथा जिले के अधिकारी उपस्थित थे.. इसी कार्यक्रम में लघु वनोपज सहकारी समिति के जिलाध्यक्ष लालसाय मिंज को भी विशिष्ट अतिथि बतौर आमंत्रित किया गया था.. जैसे ही कार्यक्रम की शुरुआत हुई मंच संचालन कर रहे पुष्कर बरवा ने कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि सहित अन्य सभी विशिष्ट अतिथियों को माइक से मंच पर विराजमान होने के लिए संबोधित किया परंतु लालसाय मिंज का नाम नहीं लिया जिससे लालसाय मिंज भड़क गए और अपने आप को अपमानित महसूस करते हुए वहाँ से जाने लगे.. जिसके बाद बलरामपुर डीएफओ आलोक कुमार बाजपेयी ने स्थिति को सम्हालते हुए तत्काल लालसाय मिंज को मनाया जिसके बाद लालसाय मिंज ने कार्यक्रम में शिरकत की..

लघु वनोपज सहकारी संघ के जिलाध्यक्ष लालसाय मिंज ने बताया कि जिला स्तरीय चरण पादुका कार्यक्रम में मुझे विशिष्ट अतिथि के रूप में बुलाया गया था। मंच में सभी भाजपा के लोगों को माइक से बुलाकर मंच पर बैठाया गया परंतु मुझे तब बुलाया गया जब मैं वहाँ से उठकर जाने लगा और मुझे पीछे सीट पर बैठाया गया।उन्होंने कहा कि माइक संचालन कर रहे पुष्कर बरवा ने सभी कार्यकर्ता एवं मंडल अध्यक्ष को बुलाकर मंच में बैठाया और मुझे सबसे अंतिम में जब मैं कार्यक्रम से उठकर जाने लगा उस समय मुझे बुलाकर मंच में पीछे बैठाया गया।स्वागत के कड़ी में भी मुझे सबसे पीछे बलरामपुर के एक प्रबंधक द्वारा स्वागत कराया गया।इस कार्यक्रम में मुझे अपमानित किया गया है।

“”हालांकि इस पूरे मामले में भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया है की यह किसी पार्टी विशेष का कार्यक्रम नहीं था बल्कि वन विभाग के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में किसी भी पदाधिकारी या व्यक्ति विशेष को उपेक्षित या अपमानित करने का उद्देश्य नहीं था साथ ही यह भी कहा कि कांग्रेस का काम है आरोप लगाना वह (व्यक्ति विशेष) तो लगाएंगे ही “”

