
विडंबना बनी लरंग साय चौक की हालत, जरूरी सुविधाओं का अभाव—नगर पालिका मौन..
यात्रियों को नहीं मिल रहा पानी, शौचालय और सफाई जैसी मूलभूत सुविधा..
महकते और टपकते हुए यात्री प्रतीक्षालय में लोग बैठने को है मजबूर, जनप्रतिनिधि है मस्त.. और यात्री है त्रस्त..
संजय गुप्ता/ बलरामपुर@ रामानुजगंज नगर पालिका का लरंग साय चौक, जो कि हजारों यात्रियों के रोजमर्रा की आवाजाही का केंद्र बिंदु है, आज खुद समस्याओं का केंद्र बन चुका है.. चौक की स्थिति देखकर साफ कहा जा सकता है कि यह आमजन की नहीं, लापरवाही की तस्वीर पेश कर रहा है.. यहां न तो पीने के पानी की समुचित व्यवस्था है, न ही शौचालय, और सफाई का तो मानो कोई नामोनिशान नहीं बचा है.. सबसे शर्मनाक बात यह है कि कई बार शिकायतों के बावजूद स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नींद अब तक नहीं टूटी है..
हर दिन रामचंद्रपुर, सनवाल, वाड्रफनगर, यहां तक कि उत्तर प्रदेश के कई गांवों से आने-जाने वाले सैकड़ों यात्री घंटों तक बसों का इंतजार करते हैं.. लेकिन जिस यात्री प्रतीक्षालय में इन्हें थोड़ी राहत मिलनी चाहिए, वहां की हालत खुद बीमार है.. फर्श पर महीनों से झाड़ू नहीं लगी है, चारों तरफ गंदगी पसरी हुई है.. कूड़ेदान तक ओवरफ्लो हैं, और गंदगी प्रतीक्षालय के आसपास फैल चुकी है..

वहीं दूसरी ओर, पीने के पानी जैसी सबसे मूलभूत आवश्यकता की बात करें, तो वहां कोई सार्वजनिक व्यवस्था नहीं है.. मजबूरन यात्रियों को आसपास की दुकानों से बोतलबंद पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ती है..
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार नगर पंचायत और जनप्रतिनिधियों से चौक की समस्याओं की शिकायत की गई है, लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिला है.. ना कोई स्थाई समाधान किया गया, और ना ही कोई ठोस कार्रवाई देखने को मिली है..
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की इस उदासीनता से जनता बेहद नाराज़ है.. लरंग साय चौक, जो कि रामानुजगंज नगर का एक प्रमुख सार्वजनिक स्थल है, वहां इस तरह की बदहाली नगर पालिका की नाकामी को उजागर करती है..
नगर पालिका और जिम्मेदारों से मांग है कि तत्काल प्रभाव से चौक की सफाई, पेयजल सुविधा जैसे मूलभूत कार्य प्राथमिकता में लिए जाएं, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और चौक की सूरत सुधर सके..

